इंदौर/कोरोना वायरस रोग को फैलने से रोकने हेतु शासन द्वारा प्रदेश में लॉकडाउन किया गया है। इसके कारण गरीब परिवारों की आजीविका पर विपरीत प्रभाव पडा है। ऐसी स्थिति में उनकी हर संभव सहायता की जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत राज्य शासन ने कतिपय श्रेणियाँ निर्धारित की हैं, जिन्हें रियायती दर पर राशन दिया जाता है। राज्य के समग्र सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर उक्त श्रेणियों के लगभग 32 लाख ऐसे हितग्राही है, जिन्हें राशन प्राप्त करने की वर्तमान में पात्रता नहीं है, परंतु उन्हें राशन की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे हितग्राहियों की सूची nfsa.samagra.gov.in पोर्टल पर DSO लॉगिन में उपलब्ध है।
राज्य शासन ने निर्देश दिये गये है कि सर्वप्रथम जांच कर ले कि इस सूची में प्रस्तावित परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत राशन की पात्रता हेतु निर्धारित विभिन्न श्रेणियों में से किसी एक श्रेणी में वर्गीकृत किये जा सकते हैं। हितग्राहियों की सूची का प्रिंट उचित मूल्य दुकान के विक्रेता को उपलब्ध कराया जाए। इस सूची से सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराते हुये यह सूची उचित मूल्य दुकानों एवं ग्राम पंचायतों में चस्पा कराई जाये। परिवार को सदस्य संख्या के आधार पर प्रति सदस्य 04 किलोग्राम गेहूं एवं एक किलोग्राम चावल उपलब्ध कराया जाये।
राज्य शासन ने परिवारों को खाद्यान्न का नि:शुल्क वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जाए। अन्य सामग्री की पात्रता नहीं होगी । परिवारों का विवरण एवं उनकी खाद्यान्न की पात्रता पीओएस मशीन पर पृथक श्रेणी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी एवं हितग्राही को खाद्यान्न का वितरण पीओएस मशीन के माध्यम से उचित मूल्य दुकान के विक्रेता के बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। वितरण के समय उपभोक्ता को पीओएस मशीन से जारी पावती भी दिलायी जाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य शासन ने उचित मूल्य दुकानवार आवंटित खाद्यान्न का प्रदाय मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन द्वारा प्रदाय योजना के अंतर्गत किया जाएगा । हितग्राहियों को वितरण हेतु उचित मूल्य दुकानदार को खाद्यान्न का प्रदाय नि:शुल्क किया जाएगा। दुकान स्तर पर सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं कि सामग्री प्राप्त करने वाला परिवार पूर्व से ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत लाभान्वित नहीं है।
राज्य शासन ने उचित मूल्य दुकान के विक्रेता एवं सहायक/कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि सूची में दर्ज परिवारों को पूर्व सूचना मिल जाए, जिससे दुकान पर अनावश्यक भीड़ न हो । आवंटन केवल कोविड-19 कोरोना वायरस के लॉक डाउन के प्रभाव से राहत देने के कारण आकस्मिक रूप से मात्र एक बार एक माह के लिए जारी किया गया है। इसके आधार पर भविष्य में पात्रता निरंतर रखने का कोई दावा स्वीकार्य नहीं होगा । खाद्यान्न वितरण में हितग्राहियों को राज्य स्तरीय पोर्टिबिलिटी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे हितग्राही द्वारा अपनी सुविधा के अनुसार प्रदेश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। जिले में कोविड-19 की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर द्वारा उक्त हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण की रणनीति जिला स्तर से बनाई जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि आमजन को राशन प्राप्त करने में असुविधा नहीं हो। वितरण व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य सुरक्षात्मक उपायों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराया जा सके। उचित मूल्य दुकान के वितरण के समय कोविड-19 के तहत सोशल एवं अन्य सुरक्षात्मक उपायों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य शासन के खाद्य विभाग द्वारा जिलेवार आवंटन जारी कर दिया गया है।
लॉकडाउन में गरीब परिवारों को मिलेगा नि:शुल्क राशन ,राज्य शासन द्वारा जिलेवार खाद्य आवंटन जारी